लोकतंत्र को जिंदा रखने के लिए अभिव्यक्ति को जिंदा रखना जरूरी है।
इन्होंने बीते दिनों जय संविधान बोलने पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तरीके से आपत्ति जताई।
कई बार स्पीकर महोदय माननीय सदस्य को धमकाते हुए भी नजर आए हैं।
सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने के लिए माननीय सदस्यों के अभिव्यक्ति को जिंदा रखना जरूरी होता है।
सदन में बैठे प्रत्येक व्यक्ति अपने अपने क्षेत्र के लोगों का प्रतिनिधित्व कर रहे होते हैं और उनकी बुलंद आवाज होते हैं।
आज जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने #NEET_परीक्षा को लेकर अपनी बातों को रखना शुरू किया तो इस दौरान स्पीकर महोदय ने माइक ऑफ कर दिया। इसके साथ ही सदन की कार्यवाही 01 जुलाई 2024 तक स्थगित कर दिया।
लोकतंत्र को जिंदा रखने के लिए अभिव्यक्ति को जिंदा रखना जरूरी है। अभिव्यक्ति यदि जिंदा नहीं रहेगा तो लोकतंत्र में खामियां दिखना शुरू हो जाएगी।
#NEET परीक्षा का मुद्दा देश के लाखों बच्चों और उनके माता पिता व अभिभावकों से जुड़ा है। इस तरह का अन्न्यापूर्ण रवैया भाजपा के गले की फांस बनेगी।
सरकार कभी नहीं चाहती है #NEET परीक्षा से संबंधित विषयों पर किसी भी प्रकार का बहस हो। इसकी अच्छे जांच होगी तो कई नेता मंत्री इसमें नपेंगे। कायदे से छात्रों के हित में इस परीक्षा को रद्द कर देना चाहिए।
NTA जैसी नालायक संस्था घोटाले का अड्डा है। इसका पर्दाफाश हो। CUET,NEET,NET आदि जैसी प्रमुख परीक्षा इस संस्था के माध्यम से होती है।
यदि कोई कानून बन भी गया है और लागू भी हो जाए तो भी इस तरह की नालायक संस्था पर कौन विश्वास करेगा।
सरकार इस मुद्दे पर स्वस्थ चर्चा से भाग रही है। छात्रों के द्वारा सरकार के प्रतिनिधियों का जूते के माले के साथ स्वागत करना चाहिए।
~~~दिव्यांश गांधी
#neet2024scam
#neetpaperleak #RahulGandhi
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