कॉमन युनिवर्सिटी टेस्ट में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी और कितनी लापरवाही दिखाएगी?
National Testing Agency (NTA) देश की लगभग सभी प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं को कराती है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी का गठन वर्ष 2017 में इसलिए हुई थी ताकि शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाया जाए व परीक्षा को समय से कराया जाए और इसके परिणाम को भी समय से घोषित किया जाए.
NTA की जो पॉलिसी है वर्तमान समय में उसके ठीक विपरीत कार्य कर रही है. इनके लगभग फैसले छात्र हित में नहीं होते है. इस समय देश की सबसे बड़ी दाखिला परीक्षा #neetug2022 की परीक्षा आज है और 15 जुलाई से देश की सबसे बड़ी दूसरी दाखिला परीक्षा #CUETUG की परीक्षा चल रही है. NTA जहां शिक्षा व्यवस्था में सुधार की बात करती है तो वही दूसरी तरफ बच्चों के स्वर्णिम भविष्य से खिलवाड़ करती है.
मैं विशेष रूप Common university Entrance Test (CUET) की बात करूंगा. कयास लगाए जा रहे थे की CUET परीक्षा के माध्यम हर बच्चों को समान अवसर मिलेगा और अच्छे शैक्षणिक विश्वविद्यालय में अपने सपनों को साकार कर पाएंगे. यह परीक्षा 15 जुलाई से शुरू हुई इसके दो दिन पूर्व 13 जुलाई को बताया जाता है की किस विषय की परीक्षा कब होगी और परीक्षा केंद्र कहां होगा? यह परीक्षा 2 स्लॉट में हो रही है पहला स्लॉट सुबह 9 बजे से 12 बजे तक और दूसरा स्लॉट 3 बजे से. ऐसे कई बच्चे थे जिन्होंने 9 विषयों को चुना था उनका परीक्षा एक ही दिन में NTA के द्वारा ली गई. इसके अलावे NTA के लापरवाही के कारण कई ऐसे बच्चें थे जो परीक्षा इसलिए नहीं दे पाए क्योंकि परीक्षा से एक दिन पहले मतलब रात्रि के लभभग 10,11 बजे उनका परीक्षा केंद्र बदल कर कहीं और कर दिया जाता है.इसके साथ की ऐसे कई बच्चें थे जिनका दोनों स्लॉट एक ही दिन था लेकिन दोनों स्लॉट का परीक्षा केंद्र अलग अलग स्थानों पर था ऐसे में बहुत से बच्चें परीक्षा देने से वंचित रह गए.
NTA की लापरवाही यहीं तक नहीं रुकी. इसके आगे भी छात्रों के पक्ष में फैसले नहीं लिए गए. CUET की परीक्षा 15 जुलाई से 10 अगस्त तक होने वाली है. यह परीक्षा 2 चरणों में ली जा रही है पहला चरण जुलाई और दूसरा चरण अगस्त में होगा. जिन बच्चों का अगस्त में परीक्षा होगा उनको इस परीक्षा की तैयारी के लिए ज्यादा समय मिल गया है. यह छात्रों के साथ समान अवसर की बिल्कुल नहीं दर्शाता है.
इसके पूर्व में परीक्षा से पहले भी NTA की तरफ से कई तरह की लापरवाही देखने मिली. NTA ने जेनरल टेस्ट की परीक्षा का सिलेबस जारी कर के कुछ दिन बाद सिलेबस में भी बदलाव किया था. NTA की पॉलिसी में कई तरह को खामियां अभी भी है उसमें सुधार की जरूरत है ताकि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो.
-दिव्यांश गाॅंधी
17 जुलाई 2022
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